एक मुग़ल सेनापति ने जब देखा शिव को, लिखी शिव की महिमा

Feb 15, 2026, 15:02 IST
शिवरात्रि : शिव वंदना
सुनिए शिव वंदना फ़ारसी में — एक ऐसी अद्भुत स्तुति, जहाँ सदियों पुरानी एक कथा में कश्मीर की रात, शालीमार बाग़ की ख़ामोशी और महादेव का दिव्य दर्शन एक साथ जीवित हो उठते हैं। एक फ़ारसी कवि की आँखों से देखे गए शिव, और शब्दों में ढली वह अनुभूति, जो धर्म की सीमाओं से परे जाकर सिर्फ भक्ति बन जाती है।

आज महाशिवरात्रि है और देश के कई घरों में आज का दिन भक्ति, उत्साह और अपनेपन के साथ मनाया जा रहा होगा। छोटे छोटे बच्चे अपने मम्मी-पापा और दादा-दादी के साथ मंदिर जाएंगे, शिवलिंग पर जल चढ़ाएँगे। कई लोगों ने अपनी मनोकामना पूरे होजाने के विश्वास में व्रत रखा होगा, किसी ने अच्छे जीवनसाथी के लिए, तो किसी ने जीवन में तरक्की की आस में। हर रूप में, हर भाव में, महादेव की आस्था आज पूरे देश को रंगे हुए है।



लेकिन इस भक्ति की एक कहानी ऐसी भी है जो धर्म की सीमाओं को नहीं मानती — और यहीं से यह कहानी और भी सुन्दर हो जाती है…



17वीं सदी में, मुग़ल बादशाह शाहजहाँ के राज्य में कश्मीर के गवर्नर थे — कुर्द सिपहसलार अली मर्दान ख़ान। लोककथा कहती है कि एक रात श्रीनगर के शालीमार बाग़ में टहलते हुए उन्हें भगवान शिव का दिव्य दर्शन हुआ। उनका वह अनुभव इतना गहरा और सुन्दर था कि उन्होंने फ़ारसी में शिव स्तुति की एक कविता लिखी — जिसे आज “शिव चैंट” के नाम से जाना जाता है। ज़रा सोचिए — एक फ़ारसी कवि, एक मुस्लिम शासक, और उसके शब्दों में महादेव के दर्शन। यही तो भारत की सांस्कृतिक ख़ूबसूरती है।



आज सदियों बाद इस रचना को नई आवाज़ मिली है — वैभव कौल के गायन में, और हिंदी रूपांतरण व वाचन किया आपके पसंदीदा कहानीकार Neelesh Misra ने — जिससे यह अनुभव आज के श्रोताओं तक भी पहुँच सके।



इस कविता को आँखे बंद करके सुनिए तो लगेगा जैसे किसी ने रात के सन्नाटे में आपने स्वयं महादेव को देखा हो:



यहाँ सुनिए : Nahi Suni Hogi Aapne Aisi Shiv Vandana | Farsi | Neelesh Misra - YouTube



हिंदी: "सच है ये, भगवान शंकर थे वो! महेश्वर!



उन्हें देखा मैंने उस रात, जग के सम्राट!



सीने पर लिपटी शेर की खाल



हाँ, उस रात दिखा मुझे शिव का रूप विराट"



फ़ारसी : हमान अस्ल्-ए महेश्वर बूद्,



शब् शाहे किः मन् दीदम्।



ग़ज़न्फ़र्-चर्म दर् बर् बूद्,



शब् शाहे किः मन् दीदम्।



English: Verily he was Maheshvar,



The king I saw by night.



Lion skin on his chest,



The king I saw by night.



हिंदी: उनके बाएँ, पर्वत की पुत्री, पार्वती – उमा!



उनका तेज सौ सौ सूर्यों के उजाले से चमकीला



उनका आधा चाँद बना शिव का मुकुट



उस रात देखा मैंने मेरा देव, छबीला



फ़ारसी : उमा अज़् सू-ए चप् बिन्गर्,



ज़ि सद् ख़ुर्शीद् ताबाँ-तर्।



हिलाल-श् ताज् बर् सर् बूद्,



शह्रयारे किः शब् दीदम्।



English: Lo, Uma from the left,



Brighter than a hundred suns.



Her crescent moon his head's crown,



The good lord I saw by night.



हिंदी: हथेलियों में उनकी स्वर्ग से उतरा जल



शिव थे नंदी पर विराजमान



उनकी बरछी, एक घंटी, और कमल



उस रात, आमने सामने, देखे मैंने भगवान



फ़ारसी : ब-दस्त-श् आब्-ए कौसर्



नेज़ः ओ नाक़ूस् ओ नीलोफ़र्।



सवार्-ए क़ुल्बः-ए नर् बूद्,



शह्रयारे किः शब् दीदम्।



English: Heavenly water in his hands,



And a spear, a bell, a lotus;



Riding a bull was he,



The king I saw by night.



हिंदी: मरघट से चिता की धूल समेटे



गले में फुँफकारते नाग लपेटे



वो जो कहीं वास करते भी हैं, और नहीं भी



वो शिव थे मुझे उस रात दर्शन देते



फ़ारसी : लिबास-श् गर्द् अज़् मुर्दन्,



ज़ुन्नार-श् मार् बर् गर्दन्।



मकान-श् लामकानी बूद्,



शह्रयारे किः शब् दीदम्।



English: Dust from death his garment,



A neck-snake his holy cord,



His abode was placeless-ness,



The good lord I saw by night.



हिंदी: जीवन और मृत्यु, जो होगा और जो होना है



नियति, शक्ति, भाग्य, जीवन की हर बात



सब जिनके आदेश पर हैं चलते



देखा मैंने उन भगवान शिव को उस रात



फ़ारसी : हयात् ओ मौत्, तक़्दीर् ओ



क़ज़ा, क़द्र ओ ख़ुदावन्दी



ब-फ़र्मान-श् मुसख़्ख़र् बूद्,



शब् शाहे किः मन् दीदम्।



English: Life and death, fate and judgment,



Fortune, providence, and might.



Were by his command conquered,



The good lord I saw by night.



हिंदी: उनके तीसरे नेत्र से निकलता



सत्य के सूरज का उजाला



मैंने चूम ली उनके पैरों की धूल



भगवन को देखने का सुख जी डाला



फ़ारसी : चश्म्-ए सिव्वुम-श् हर् दम्



शुआ-ए शम्स्-ए हक़्क़् आमद्।



ब-ख़ाक्-ए पा-श् बोसीदम्,



शब् शाहे किः मन् दीदम्।



English: From his third eye always came



A ray of the sun of Truth,



I kissed the dust of his feet,



The good lord I saw by night.



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यह कहानी हमें याद दिलाती है कि आस्था का रास्ता कई भाषाओं से होकर जाता है, कई संस्कृतियों से होकर गुजरता है और यह कि भक्ति का अनुभव किसी सीमा में बाँधा नहीं जा सकता।



कभी मंदिर में, कभी कविता में, कभी आवाज़ में — और कभी एक रात के दर्शन में — शिव मिल ही जाते हैं।

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