Kami Khalti Hai by Zubair Ahmad |Poetry
May 09, 2026, 04:04 IST
रात को बिस्तर में जो, नींद की कमी खलीउठ के बैठा, सोचता रहाइधर-उधर चलता भी रहाअँधेरे में रात को ढूँढता रहा, और बिस्तर में नींद कुछ तो कमी है जो खल रही है मुझे कमी शायद वक़्त की।